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6 दिन रिमांड में रहने के बाद आखिरकार हनीप्रीत टूट ही गई और उसने अपना जुर्म कबूल लिया। टेढ़ी खीर, सीधी कैसे हो गई, जानिए असली सच?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार डेरा समर्थकों के बयानों के बारे में जब पुलिस ने पूछताछ की तो हनीप्रीत सवालों में उलझकर कई गुनाह कबूल गई। हनीप्रीत ने 25 अगस्त की पंचकूला हिंसा में भी अहम भूमिका निभाई थी। अब तक की पूछताछ में जिन पहलुओं पर खुलासा हुआ है, उसे जोड़कर देखा जाए तो हनीप्रीत की भूमिका साफ हो जाती है। सूत्रों का कहना है कि तीन दिन का रिमांड बढ़ने के बाद हनीप्रीत थोड़ी टूटी है और उसने दंगे की साजिश में खुद के शामिल होने की बात कबूली है।

राम रहीम की पेशी के दौरान हनीप्रीत ने लाल सूटकेस से खूनी खेल की शुरुआत की। उसने साजिश रचने के लिए 17 अगस्त को सिरसा डेरे में हुई बैठक में भी हिस्सा लिया था। पंचकूला के तमाम रास्तों का नक्शा, डेरा समर्थकों के इकट्ठा होने का ठिकाना, सवा करोड़ रुपये मुहैया कराने, डेराप्रेमियों के खाने पीने और कोर्ट के फैसले के मुताबिक भीड़ को उसी दिशा में मोड़ने में की अहम भूमिका रही। ये सब बातें अब तक गिरफ्तार हुए डेरा समर्थक भी पुलिस पूछताछ में बता चुके हैं।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि ने इस दौरान न केवल देश भर के डेरा समर्थकों बल्कि इंटरनेशनल कॉल के जरिये विदेश में रहने वाले डेरे के नजदीकियों से भी कई अहम जानकारियां शेयर कीं। हालांकि किसी भी पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस के सामने तमाम सच्चाई बयां करने की बात  अदालत में भी कह चुकी है। छह दिनों के रिमांड के दौरान उसने टुकड़ों में गुनाह कबूले हैं, जिसकी पुष्टि करने में एसआईटी जुटी हुई है।

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